इनकम टैक्स विभाग आपके बारे में क्या जानता है? AIS और 26AS ऐसे देखें

क्या आप जानते हैं कि आपकी तनख्वाह से कटा TDS, बचत खाते पर मिला ब्याज और FD की कमाई, यह सब इनकम टैक्स विभाग के पास पहले से दर्ज हो सकता है? और अगर ITR में आपने इनमें से कुछ भूल से छोड़ दिया, तो क्या होगा?
बहुत से लोग ITR भरते समय सिर्फ़ सैलरी स्लिप या Form 16 देखकर काम खत्म कर देते हैं। फिर कुछ समय बाद एक नोटिस आता है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है। अच्छी खबर यह है कि आप पहले से ही देख सकते हैं कि विभाग के पास आपके बारे में क्या जानकारी है। इसके लिए दो चीज़ें समझनी हैं: Form 26AS और AIS।
Form 26AS क्या है?
Form 26AS में वह TDS और TCS दिखता है जो आपके PAN के सामने जमा हुआ है। यानी किसने आपकी कितनी रकम पर टैक्स काटकर सरकार के पास जमा किया, इसका ब्योरा। सैलरी वालों के लिए यह जाँचना ज़रूरी है कि जो TDS कटा, वह सही तरह से जमा भी हुआ या नहीं।
AIS और TIS क्या हैं?
AIS यानी Annual Information Statement में वह जानकारी दिखती है जो अलग-अलग जगहों से आपके बारे में विभाग को भेजी गई है, जैसे:
- सैलरी पर कटा TDS
- बचत खाते और FD पर मिला ब्याज
- डिविडेंड
- शेयर जैसी securities की खरीद-बिक्री
- बड़े मूल्य के लेन-देन (high-value transactions)
TIS यानी Taxpayer Information Summary इसी जानकारी का सार है, ताकि आप एक नज़र में समझ सकें कि किस तरह की आमदनी दर्ज है।
क्यों ज़रूरी है?
बहुत से लोग बचत खाते और FD के ब्याज को ITR में दिखाना भूल जाते हैं, यह सोचकर कि "इतने से ब्याज से क्या फ़र्क पड़ता है"। लेकिन यही जानकारी AIS में दर्ज हो सकती है। ITR और AIS में अंतर हुआ तो mismatch का नोटिस आ सकता है। पहले से मिलान कर लेने से यह सिरदर्द टल सकता है। जो समझदार है, वह नोटिस का इंतज़ार नहीं करता।
AIS और 26AS कैसे देखें: स्टेप बाय स्टेप
- आधिकारिक पोर्टल खोलिए: इनकम टैक्स का e-filing पोर्टल incometax.gov.in। किसी और लिंक या मैसेज में आए लिंक पर भरोसा मत कीजिए।
- लॉगिन कीजिए: अपने PAN से लॉगिन करें। पासवर्ड या OTP किसी के साथ साझा न करें।
- Form 26AS और AIS का विकल्प ढूँढिए: लॉगिन के बाद आम तौर पर ये विकल्प मेनू में मिल जाते हैं। पोर्टल के डिज़ाइन के हिसाब से नाम या जगह थोड़ी अलग हो सकती है।
- अपनी आमदनी से मिलान कीजिए: सैलरी, ब्याज, डिविडेंड, सब कुछ अपने कागज़ों और बैंक स्टेटमेंट से मिलाइए।
- गलत जानकारी दिखे तो feedback दीजिए: AIS में किसी जानकारी पर आप feedback दे सकते हैं, जैसे कोई लेन-देन आपका नहीं है या रकम गलत है।
- उसके बाद ही ITR भरिए: मिलान पूरा होने पर ही रिटर्न फ़ाइल करें।
ये दो काम भी कर लीजिए
- PAN-Aadhaar लिंक रखिए: पोर्टल पर देख लीजिए कि आपका PAN, Aadhaar से जुड़ा है।
- मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट रखिए: ताकि विभाग की ज़रूरी सूचनाएँ आप तक पहुँचें।
आम गलतियाँ
- बचत खाते और FD का ब्याज ITR में न दिखाना।
- सिर्फ़ Form 16 देखकर रिटर्न भर देना, AIS और 26AS से मिलान न करना।
- AIS में गलत एंट्री देखकर भी चुप रह जाना।
- पोर्टल पर पुराना मोबाइल नंबर या ईमेल छोड़ देना।
- किसी अनजान लिंक पर "टैक्स रिफ़ंड" के नाम पर लॉगिन जानकारी डाल देना। सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
26AS और AIS में क्या फ़र्क है?
26AS में मुख्य रूप से आपके PAN पर जमा TDS/TCS दिखता है। AIS में इसके साथ ब्याज, डिविडेंड, securities के लेन-देन और बड़े लेन-देन जैसी ज़्यादा जानकारी दिखती है।
AIS में कोई जानकारी गलत हो तो?
AIS में उस जानकारी पर feedback दिया जा सकता है। ITR भरने से पहले यह काम कर लेना बेहतर है।
मामला उलझा हुआ हो तो?
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। आपका मामला जटिल हो, तो किसी टैक्स जानकार या टैक्स प्रोफ़ेशनल से सलाह ज़रूर लें।
अपनी आमदनी की तस्वीर पहले खुद देख लेना, नोटिस आने के बाद भागदौड़ करने से कहीं बेहतर है। इस बार ITR भरने से पहले AIS और 26AS ज़रूर खोलिए।
समझो भारत, आगे बढ़ो भारत।
कमेंट में बताइए: बचत खाते का ब्याज, FD का ब्याज और डिविडेंड, इनमें से कौन-सी आमदनी लोग ITR में सबसे ज़्यादा भूलते हैं, और AIS इसमें कैसे मदद करता है?
देश को समझिए, समझो भारत के साथ।
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