Container Manufacturing Scheme: ₹10,000 करोड़ से भारत बनेगा कंटेनर हब
"अपना हाथ जगन्नाथ" — यह पुराना मुहावरा कहता है कि अपने हाथ का काम ही सबसे भरोसेमंद होता है। जो चीज़ हम ख़ुद बनाते हैं, उसके लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। अब यही सोच भारत के समुद्री व्यापार में दिखने वाली है। केंद्र सरकार ने Container Manufacturing Promotion Scheme (कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना) को मंज़ूरी दे दी है। इस योजना पर ₹10,000 करोड़ ख़र्च होंगे। लक्ष्य है कि भारत में शिपिंग कंटेनर बनाने की सालाना क्षमता लगभग दस गुना बढ़कर 7.5 लाख TEU तक पहुँचे। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह योजना क्या है और आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है। Container Manufacturing Scheme क्या है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को इस योजना को मंज़ूरी दी। इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी। सरकारी बयान के अनुसार योजना का उद्देश्य है: भारत में विश्व-स्तर का प्रतिस्पर्धी कंटेनर निर्माण तंत्र (ecosystem) तैयार करना। कंटेनरों के आयात पर निर्भरता कम करना। सप्लाई चेन को मज़बूत और सुरक्षित बनाना। योजना नई फ़ैक...