Ayushman Vay Vandana Card: 70+ को ₹5 लाख मुफ़्त इलाज, ऐसे बनवाएँ
सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।
अर्थ: सब सुखी हों, सब रोग से मुक्त रहें।
घर के बुज़ुर्ग हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। लेकिन 70 साल की उम्र के बाद अस्पताल का एक बड़ा बिल पूरे परिवार की बचत हिला देता है। इसी चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने आयुष्मान वय वंदना कार्ड (Ayushman Vay Vandana Card) शुरू किया। इस कार्ड से 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र के हर बुज़ुर्ग को हर साल ₹5 लाख तक का मुफ़्त इलाज मिलता है, चाहे परिवार की आमदनी कितनी भी हो।
आज, 29 अक्टूबर को, इस कार्ड की शुरुआत के दो साल पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अक्टूबर 2024 को आयुर्वेद दिवस (धन्वंतरि जयंती) पर इसे लॉन्च किया था। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह कार्ड क्या है, किसे मिलेगा और कैसे बनेगा।
आयुष्मान वय वंदना कार्ड क्या है?
यह कार्ड आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) का हिस्सा है। AB PM-JAY को सरकार दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना बताती है। इसमें अस्पताल में भर्ती होकर होने वाले बड़े इलाज का ख़र्च सरकार उठाती है।
11 सितंबर 2024 को केंद्रीय कैबिनेट ने फ़ैसला किया कि 70 साल और उससे ज़्यादा उम्र के सभी नागरिकों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। इसमें आमदनी की कोई शर्त नहीं रखी गई। सरकार के अनुसार, इससे लगभग 4.5 करोड़ परिवारों के करीब 6 करोड़ बुज़ुर्गों को फ़ायदा मिल सकता है। ऐसे बुज़ुर्गों को एक अलग कार्ड दिया जाता है। इसी कार्ड का नाम आयुष्मान वय वंदना कार्ड है।
Ayushman Vay Vandana Card के लिए पात्रता: किसे मिलेगा फ़ायदा?
- उम्र: 70 साल या उससे ज़्यादा। उम्र की जाँच आधार कार्ड से होती है।
- आमदनी: कोई सीमा नहीं। अमीर, ग़रीब या मध्यम वर्ग, सभी बुज़ुर्ग इसके हक़दार हैं।
- प्राइवेट बीमा वाले: जिनके पास पहले से प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस है, वे भी यह कार्ड बनवा सकते हैं।
- ESIC वाले: कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIC) से जुड़े बुज़ुर्ग भी पात्र हैं।
- CGHS, ECHS, CAPF वाले: जो बुज़ुर्ग पहले से CGHS, ECHS या आयुष्मान CAPF जैसी सरकारी योजना का लाभ पा रहे हैं, उन्हें एक योजना चुननी होगी। वे अपनी पुरानी योजना में रह सकते हैं या AB PM-JAY चुन सकते हैं।
₹5 लाख का कवर कैसे काम करता है?
यहाँ दो स्थितियाँ हैं, इन्हें ध्यान से समझें:
1. अगर परिवार पहले से आयुष्मान योजना में है: तब घर के 70+ बुज़ुर्ग को हर साल ₹5 लाख तक का अलग टॉप-अप मिलेगा। यह टॉप-अप सिर्फ़ बुज़ुर्गों के लिए है। इसे परिवार के 70 साल से कम उम्र के सदस्यों के साथ बाँटना नहीं पड़ता।
2. अगर परिवार पहले से योजना में नहीं है: तब परिवार के 70+ बुज़ुर्गों को मिलाकर हर साल ₹5 लाख तक का कवर मिलेगा। यानी घर में पति-पत्नी दोनों 70 साल से ऊपर हैं, तो यह ₹5 लाख दोनों के लिए साझा होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी जानकारी के अनुसार, इसमें लगभग 2,000 तरह के इलाज (प्रोसीजर) शामिल हैं। पहले से मौजूद बीमारियाँ भी पहले दिन से कवर होती हैं। इसके लिए कोई वेटिंग पीरियड नहीं है। हार्ट की एंजियोप्लास्टी, कूल्हे का ऑपरेशन, मोतियाबिंद, पित्ताशय की सर्जरी, स्ट्रोक और डायलिसिस जैसे इलाज इसमें मिल चुके हैं।
कार्ड कैसे बनवाएँ? कदम-दर-कदम तरीका
कार्ड बनवाना मुफ़्त है। आप इसे घर बैठे मोबाइल से भी बना सकते हैं।
- मोबाइल में सरकारी Ayushman App डाउनलोड करें, या आधिकारिक पोर्टल beneficiary.nha.gov.in खोलें।
- अपने मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें।
- अपना राज्य और ज़िला चुनें। बुज़ुर्ग का आधार नंबर डालें।
- आधार OTP से e-KYC पूरा करें। ध्यान रहे, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर पास होना चाहिए।
- ज़रूरत हो तो बुज़ुर्ग की ताज़ा फ़ोटो लें और बाक़ी जानकारी भरें।
- जाँच पूरी होने के बाद कार्ड डाउनलोड करें। इसमें कुछ समय लग सकता है।
ऑफ़लाइन तरीका: अगर मोबाइल चलाना मुश्किल है, तो योजना से जुड़े अस्पताल में आयुष्मान मित्र से मदद पाएँ। कई जगह CSC (जन सेवा केंद्र) पर भी यह काम होता है। ज़रूरी दस्तावेज़: मुख्य रूप से आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर।
किसी परेशानी पर आयुष्मान भारत की हेल्पलाइन 14555 पर कॉल कर सकते हैं।
दो साल में कितना पहुँचा यह कार्ड?
शुरुआत से ही इस कार्ड को बुज़ुर्गों का अच्छा साथ मिला। आकाशवाणी की ख़बर के अनुसार, लॉन्च के सिर्फ़ तीन हफ़्ते में 10 लाख से ज़्यादा बुज़ुर्गों ने कार्ड बनवा लिया था। इनमें लगभग 4 लाख महिलाएँ थीं। दिसंबर 2024 तक यह आँकड़ा 25 लाख से ऊपर चला गया।
फ़रवरी 2026 में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 96 लाख से ज़्यादा आयुष्मान वय वंदना कार्ड बन चुके थे। यह बताता है कि बुज़ुर्गों की सेहत को सरकार ने प्राथमिकता दी है। लेकिन 6 करोड़ के लक्ष्य के सामने अभी लंबा रास्ता बाक़ी है। इसलिए जागरूकता बहुत ज़रूरी है।
सावधानी: कार्ड के नाम पर ठगी से बचें
- कार्ड बनवाने की कोई फ़ीस नहीं है। कोई पैसे माँगे तो सावधान रहें।
- कार्ड सिर्फ़ सरकारी ऐप, आधिकारिक पोर्टल या योजना से जुड़े अस्पताल से ही बनवाएँ।
- अपना आधार OTP किसी अनजान व्यक्ति को फ़ोन पर न बताएँ।
- इलाज से पहले अस्पताल में पूछ लें कि वह आयुष्मान योजना से जुड़ा है या नहीं।
- साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
मुख्य बातें
- 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र के हर बुज़ुर्ग को हर साल ₹5 लाख तक मुफ़्त इलाज।
- आमदनी की कोई शर्त नहीं। प्राइवेट बीमा और ESIC वाले भी पात्र।
- CGHS, ECHS, CAPF वालों को एक योजना चुननी होगी।
- पहले से आयुष्मान परिवार के बुज़ुर्गों को अलग ₹5 लाख का टॉप-अप।
- Ayushman App या beneficiary.nha.gov.in से आधार e-KYC के ज़रिए मुफ़्त कार्ड।
- 31 दिसंबर 2025 तक 96 लाख से ज़्यादा कार्ड बन चुके थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लिए आय प्रमाण पत्र चाहिए?
नहीं। 70 साल या उससे ज़्यादा उम्र के सभी बुज़ुर्ग पात्र हैं। आय की कोई सीमा नहीं है। उम्र की जाँच आधार से होती है।
2. मेरे पिताजी के पास प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस है। क्या वे Ayushman Vay Vandana Card बनवा सकते हैं?
हाँ। प्राइवेट बीमा या ESIC वाले बुज़ुर्ग भी यह कार्ड बनवा सकते हैं। सिर्फ़ CGHS, ECHS और CAPF वालों को एक योजना चुननी होती है।
3. क्या पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग ₹5 लाख मिलेंगे?
अगर परिवार पहले से आयुष्मान योजना में नहीं है, तो 70+ बुज़ुर्गों को मिलाकर परिवार स्तर पर ₹5 लाख सालाना का कवर मिलता है। पहले से योजना वाले परिवार में यह ₹5 लाख का अलग टॉप-अप होता है, जो सिर्फ़ 70+ बुज़ुर्गों के लिए है।
आपके लिए सवाल
मान लीजिए किसी परिवार में दादाजी 72 साल के हैं और वे पहले से CGHS का लाभ पा रहे हैं। क्या वे CGHS और आयुष्मान वय वंदना कार्ड, दोनों का फ़ायदा एक साथ पा सकते हैं? अपना जवाब कमेंट में ज़रूर लिखिए।
इस जानकारी को अपने घर के बुज़ुर्गों और पड़ोसियों तक ज़रूर पहुँचाएँ। हो सकता है, यह एक कार्ड किसी परिवार को बड़े ख़र्च से बचा ले।
स्रोत: केंद्रीय कैबिनेट का आधिकारिक बयान (PTI के माध्यम से, 11 सितंबर 2024), आकाशवाणी समाचार (newsonair.gov.in), द डेली पायनियर (राज्यसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री का उत्तर), Digital Health News, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA)।
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