PMEGP Loan Subsidy 2026: ₹1000 करोड़ जारी, 35% तक सब्सिडी ऐसे पाएँ

"उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।"
अर्थ: काम मेहनत और उद्यम से पूरे होते हैं, केवल इच्छा करने से नहीं।

अपना छोटा काम-धंधा शुरू करने का सपना बहुत लोग देखते हैं। पर सबसे बड़ी रुकावट पैसा होती है। इसी रुकावट को कम करने के लिए केंद्र सरकार की PMEGP योजना (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) चलती है। 28 अक्टूबर 2026 को सरकार ने इस योजना के तहत ₹1,000 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की है। इस लेख में जानिए PMEGP loan subsidy क्या है, किसे मिलती है और आवेदन कैसे करें।

PMEGP में ₹1,000 करोड़ जारी: ख़बर क्या है

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के अनुसार, केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-3 में यह राशि जारी की। इस मौके पर MSME राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे और मंत्रालय के सचिव भी मौजूद थे।

इस राशि से 11,333 नए सूक्ष्म उद्यमों को मदद मिलेगी। इन लाभार्थियों के लिए बैंकों ने लगभग ₹3,260 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए हैं। सरकार का अनुमान है कि इन उद्यमों से 1.02 लाख से अधिक स्थायी रोजगार बनेंगे। इनमें से ज़्यादातर रोजगार गाँवों में होंगे।

इससे पहले भी वित्त वर्ष 2026-27 में अक्टूबर 2026 तक 25,895 सूक्ष्म उद्यमों को ₹794.52 करोड़ की सब्सिडी दी जा चुकी थी।

PMEGP योजना क्या है

PMEGP भारत सरकार की एक प्रमुख ऋण से जुड़ी सब्सिडी योजना है। इसका उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में नए छोटे उद्यम शुरू करवाना है। इससे लोगों को अपने ही इलाक़े में स्वरोजगार मिलता है।

इस योजना को MSME मंत्रालय चलाता है। राष्ट्रीय स्तर पर इसे खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) लागू करता है। राज्यों में खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB), ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) और कॉयर बोर्ड भी इसमें सहयोग करते हैं।

सीधी बात यह है कि आप बैंक से प्रोजेक्ट के लिए ऋण पाते हैं। उस ऋण पर सरकार प्रोजेक्ट लागत का एक हिस्सा सब्सिडी के रूप में देती है। इसे ही "मार्जिन मनी सब्सिडी" कहा जाता है।

PMEGP Loan Subsidy: कितनी मदद मिलती है

सरकारी पोर्टलों पर दी गई जानकारी के अनुसार, प्रोजेक्ट की अधिकतम लागत इस प्रकार है:

  • विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र: ₹50 लाख तक
  • सेवा/व्यवसाय क्षेत्र: ₹20 लाख तक

सब्सिडी की दर आपकी श्रेणी और जगह पर निर्भर करती है:

  • सामान्य श्रेणी: अपना योगदान 10%; सब्सिडी शहर में 15% और गाँव में 25%
  • विशेष श्रेणी (SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, पूर्वोत्तर, पहाड़ी व सीमावर्ती क्षेत्र आदि): अपना योगदान 5%; सब्सिडी शहर में 25% और गाँव में 35%

बाक़ी रकम बैंक टर्म लोन के रूप में देता है। उदाहरण के लिए, अगर गाँव में रहने वाली कोई महिला ₹10 लाख का विनिर्माण प्रोजेक्ट शुरू करती है, तो उसे अपनी ओर से लगभग ₹50,000 लगाने होंगे। उसे लगभग ₹3.5 लाख तक सब्सिडी मिल सकती है। बाक़ी रकम बैंक ऋण से आएगी। अंतिम राशि बैंक की स्वीकृति और नियमों पर निर्भर करती है।

कौन आवेदन कर सकता है

  • 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति।
  • इस योजना में आय की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
  • विनिर्माण में ₹10 लाख से ऊपर और सेवा क्षेत्र में ₹5 लाख से ऊपर के प्रोजेक्ट के लिए कम से कम आठवीं कक्षा पास होना ज़रूरी है।
  • सहायता केवल नए प्रोजेक्ट के लिए है, जो PMEGP के तहत ही स्वीकृत हों।
  • स्वयं सहायता समूह, सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत संस्थाएँ और उत्पादन सहकारी समितियाँ भी पात्र हैं।
  • जिन इकाइयों ने पहले किसी अन्य केंद्र या राज्य योजना में सरकारी सब्सिडी पाई है, वे पात्र नहीं हैं।

PMEGP में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होता है। कदम इस प्रकार हैं:

  1. KVIC के आधिकारिक PMEGP ई-पोर्टल पर जाएँ।
  2. "Application For New Unit" (नई इकाई के लिए आवेदन) वाले विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अपनी व्यक्तिगत जानकारी, प्रोजेक्ट का विवरण, लागत और पसंद की बैंक शाखा भरें। फिर "Save Applicant Data" पर क्लिक करें।
  4. अगले पेज पर ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें और अंतिम रूप से आवेदन जमा करें।
  5. आवेदन ज़िला स्तर की एजेंसी से होकर बैंक तक जाता है। बैंक ऋण स्वीकृत करता है, फिर सब्सिडी का दावा आगे बढ़ता है।

आम तौर पर आधार, फोटो, पते का प्रमाण, शैक्षिक प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और (विशेष श्रेणी के लिए) जाति या श्रेणी प्रमाण पत्र की ज़रूरत पड़ती है। सही सूची के लिए अपने ज़िला उद्योग केंद्र या पोर्टल की जानकारी ज़रूर देखें।

2014-15 से अब तक: योजना का असर

PIB के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक इस योजना से 8.38 लाख से अधिक सूक्ष्म उद्यम शुरू हुए हैं। इनके लिए ₹70,000 करोड़ से अधिक के बैंक ऋण और ₹25,193 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी गई है। इससे लगभग 75 लाख स्थायी रोजगार बने हैं।

सबसे अच्छी बात यह है कि लगभग 80% इकाइयाँ गाँवों में लगी हैं। लगभग 40% उद्यमों की मालिक महिलाएँ हैं। यह दिखाता है कि यह योजना गाँव और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। नौकरी माँगने वाले से नौकरी देने वाला बनने का यह रास्ता "आत्मनिर्भर भारत" और "विकसित भारत" के लक्ष्य को सीधे मज़बूत करता है।

आवेदन से पहले ये सावधानियाँ रखें

  • आवेदन केवल सरकारी पोर्टल पर करें। कोई एजेंट पैसे लेकर "पक्की सब्सिडी" का वादा करे तो सावधान रहें।
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट सच्ची और व्यावहारिक बनाएँ। बाज़ार, कच्चा माल और ख़र्च का सही अनुमान लिखें।
  • अपने ज़िला उद्योग केंद्र या KVIC कार्यालय से मुफ़्त मार्गदर्शन पाएँ।
  • ऋण की किस्तें समय पर चुकाएँ, ताकि आपका रिकॉर्ड अच्छा रहे।

मुख्य बातें

  • 28 अक्टूबर 2026 को PMEGP के तहत ₹1,000 करोड़ की सब्सिडी जारी हुई।
  • 11,333 नए उद्यमों को मदद, ₹3,260 करोड़ के ऋण, 1.02 लाख से अधिक रोजगार।
  • सब्सिडी 15% से 35% तक; विनिर्माण में ₹50 लाख और सेवा में ₹20 लाख तक के प्रोजेक्ट।
  • 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है; आय सीमा नहीं।
  • आवेदन KVIC के PMEGP ई-पोर्टल पर ऑनलाइन होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. PMEGP loan subsidy में अधिकतम कितनी सब्सिडी मिलती है?

विशेष श्रेणी के लोगों को गाँव में प्रोजेक्ट लागत का 35% तक सब्सिडी मिल सकती है। सामान्य श्रेणी को शहर में 15% और गाँव में 25% मिलती है।

2. क्या PMEGP के लिए कोई आय सीमा है?

नहीं। इस योजना में आवेदक की आय की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

3. क्या पुराने चल रहे व्यवसाय के लिए PMEGP मिलता है?

नहीं। यह सहायता केवल नए प्रोजेक्ट के लिए है, जो PMEGP के तहत स्वीकृत हों।

आपके लिए सवाल

अगर शहर में रहने वाले सामान्य श्रेणी के किसी व्यक्ति का सेवा क्षेत्र का प्रोजेक्ट ₹8 लाख का है, तो उसे अपनी ओर से कितने रुपये लगाने होंगे और कितनी सब्सिडी मिल सकती है? अपना जवाब कमेंट में लिखें।

स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय; खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC); MSME विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार (MSME 1-Connect); ज़िला उद्योग केंद्र, पुडुचेरी सरकार

समझो भारत, आगे बढ़ो भारत।
देश को समझिए, समझो भारत के साथ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

DA Hike 3 Percent: केंद्रीय कर्मचारियों का DA 63%, कितनी बढ़ेगी सैलरी

Jio IPO Allotment: शेयर मिले या नहीं, ऐसे पता करें

DigiLocker में DL और RC रखें