Siang Project: चीन के Mega Dam का जवाब, फिर Arunachal में विरोध क्यों? (वीडियो)
एक नदी, जो तीन नामों से जानी जाती है। तिब्बत में Yarlung Tsangpo, Arunachal Pradesh में Siang, और असम में Brahmaputra। आज यही नदी भारत और चीन के बीच एक बड़े रणनीतिक मुद्दे के केंद्र में है। साथ ही Arunachal के अंदर भी यह बहस का विषय बन गई है।
1 मिनट में पूरी कहानी देखिए।
चीन की Medog परियोजना
चीन तिब्बत में Yarlung Tsangpo नदी पर 60,000 MW की Medog जल-विद्युत परियोजना पर आगे बढ़ रहा है। तुलना के लिए, दुनिया का सबसे बड़ा बिजली बांध Three Gorges 22,500 MW का है। यानी Medog की क्षमता उससे ढाई गुना से भी ज़्यादा होगी।
नदी के ऊपरी हिस्से में इतना बड़ा ढाँचा भारत के लिए स्वाभाविक चिंता है। पानी के बहाव पर नियंत्रण, अचानक बाढ़ का खतरा और लंबे समय की जल सुरक्षा, ये सभी सवाल इससे जुड़े हैं।
भारत का जवाब: Siang Upper Multipurpose Project
भारत की सरकारी कंपनी NHPC ने East Siang ज़िले में 11,200 MW का Siang Upper Multipurpose Project (SUMP) प्रस्तावित किया है। सरकार इसे चीन के project का रणनीतिक जवाब मानती है। सरकार के अनुसार यह बाढ़ को नियंत्रित करने और भारत की जल सुरक्षा बनाए रखने में मदद करेगा।
स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय Adi समुदाय के कुछ हिस्से और संगठन, जैसे Adi Bane Kebang United और Siang Indigenous Farmers' Forum, इस project का विरोध कर रहे हैं। उनकी मुख्य चिंताएँ ये हैं:
- पुश्तैनी ज़मीन डूबने का डर।
- गाँवों का विस्थापन।
- खेती और पारंपरिक रोज़गार पर असर।
- भूकंप वाले हिमालयी इलाके में पर्यावरण को नुकसान।
Pasighat में हिंसा
23 अक्टूबर 2026 को Siang, Upper Siang और East Siang ज़िलों में 12 घंटे का बंद रहा। यह ज़्यादातर शांतिपूर्ण था। लेकिन बंद खत्म होने के बाद देर रात Pasighat में हिंसा भड़क उठी, जो 24 अक्टूबर की सुबह तक चली।
भीड़ ने NHPC का office और एक police station जला दिया। कुछ नेताओं के घरों में तोड़फोड़ हुई और वाहनों में आग लगाई गई। करीब 40 पुलिसकर्मी घायल हुए। हालात संभालने के लिए Rapid Action Force (RAF) तैनात की गई।
सरकार का रुख
मुख्यमंत्री Pema Khandu ने आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं की निंदा की। 25 अक्टूबर को उन्होंने सभी दलों के विधायकों से बैठक की। उन्होंने Arunachal Indigenous Tribes Forum समेत community संगठनों के प्रतिनिधियों से भी बात की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत जानकारी से लोगों में डर फैल रहा है। इसे तथ्यों, पारदर्शिता और खुली बातचीत से दूर करना ज़रूरी है।
Fake video से सावधान
इस बीच social media पर एक video viral हुआ। इसमें दावा किया गया कि Arunachal के इलाकों पर चीन का कब्ज़ा है। जाँच में यह video नकली निकला। यह 2023 की एक Kashmir briefing की बदली हुई footage थी। ऐसे समय में बिना जाँचे कोई भी video share न करें।
आगे क्या?
यह मुद्दा दो ज़रूरी बातों के बीच संतुलन का है। एक तरफ़ देश की सुरक्षा और जल सुरक्षा है। दूसरी तरफ़ स्थानीय लोगों की ज़मीन, संस्कृति और भरोसा है। हिंसा से किसी का भला नहीं होता। सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान आखिरकार जनता का ही नुकसान है। सरकार ने बातचीत का रास्ता खोला है, और यही सबसे सही रास्ता है।
निष्कर्ष
Siang project सिर्फ़ एक बिजली परियोजना नहीं है। यह भारत की रणनीति, पर्यावरण और लोगों के भरोसे, तीनों की परीक्षा है। अगर बातचीत ईमानदारी से हो और लोगों की चिंताओं का ठोस हल निकले, तो यह project देश और Arunachal दोनों के लिए फ़ायदेमंद हो सकता है।
आपकी राय में, विकास और लोगों का भरोसा, दोनों को साथ लेकर चलने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? Comment में ज़रूर बताइए।
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स्रोत: Down To Earth, PTI (ThePrint), India Today NE, Business Today, Prabhat Khabar, The Lallantop.
Video की photos: Wikimedia Commons (credits YouTube description में)।
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